प्राचीन गुरुकुल परंपरा से लेकर आज और आगे भी शिक्षा का महत्व कभी कम नहीं होने वाला, पर शिक्षा के साथ जीवन को समझने और मूल्यों-संस्कारों के साथ आगे बढ़ने की जो नींव बचपन से लेकर किशोरावस्था के बीच हमारे गुरुजन डालते हैं, उसी पर आगे चलकर हम कामयाबी की मजबूत इमारत खड़ा करने में समर्थ हो पाते हैं। बच्चों को समझने और उन्हें खुद पर भरोसा करना सिखाने में गुरुजनों की भूमिका कितनी बड़ी होती है.
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